सूरज से प्रकाशित रजनी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
राजो बेहद खुश थी।खुश भी क्यो न हो भला,आखिर उसे उसका प्यार मिल गया था।सूरज को चाहती थी और सूरज से ही उसका ब्याह जो हो गया था।ये बात दीगर है उसकी माँ ही अपनी पड़ौसन से कह रही थी,इस करमजली ने अपने भाग खुद फोड़ लिये हैं। सम्पन्न वर्ग की रजनी जिसे सब राजो … Read more