सूरज से प्रकाशित रजनी – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 98

      राजो बेहद खुश थी।खुश भी क्यो न हो भला,आखिर उसे उसका प्यार मिल गया था।सूरज को चाहती थी और सूरज से ही उसका ब्याह जो हो गया था।ये बात दीगर है उसकी माँ ही अपनी पड़ौसन से कह रही थी,इस करमजली ने अपने भाग खुद फोड़ लिये हैं।       सम्पन्न वर्ग की रजनी जिसे सब राजो … Read more

*करनी अपनो की* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T215107.227

     भैय्या, आप तो नौकरी में बाहर ही रहते हो,चाचा अब रहे नही,तो इस खेती बाड़ी को कौन देखेगा?       हां-हाँ ये बात तो है,कुछ सोचना तो पड़ेगा।        भैय्या, आप यदि इजाजत दे  तो आपकी जमीन को मैं बो और काट लूंगा।आपकी दोनो बेटियों की शादियों की जिम्मेदारी हमारी।आपके कारण हमारा भी काम चल जायेगा।           रविन्द्र को … Read more

*वट वृक्ष* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 65 1

     भजनों की स्वर लहरी गूंज रही थी,बधाई हो बधाई के स्वरमय गीत से सभी का हृदय स्पंदित हो रहा था।सभी, करतल ध्वनि से वातावरण को और सुर मय बना रहे थे।         आज ही मैं अपनी ही सोसायटी निवासी नरोत्तम जी जिन्हें मैं अपने पिता तुल्य ही मानता हूं,पर हमारा परस्पर व्यवहार मित्रता जैसा है,के फ्लैट … Read more

अपनत्व भरा अधिकार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

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        देखो प्राची, अब सूरज ने तुमसे विवाह कर ही लिया है,और तुम इस घर मे आ ही गयी हो तो एक बात समझ लो मैं तुम्हे बहू मानने वाली नही।          पहले ही दिन अपनी सास शकुंतला जी के मुँह से ये वाक्य सुन प्राची तो अवाक रह गयी,क्या उत्तर दे वह समझ ही नही पा … Read more

परिवर्तन – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T105042.754

    अरे,सुमन ये अपने फ्लैट में लाइट क्यों नही है?पूरी सोसाइटी में तो बिजली आ रही है।         वो हम समय से पहले रिचार्ज कराना भूल गये थे ना,इसलिये आज बैलेंस समाप्त हो जाने के कारण बिजली कट गयी है।आज रात अंधेरे में ही काटनी पड़ेगी,सुबह 9 बजे के बाद ही री कनेक्शन हो पायेगा।         क्या——अपनी बिजली … Read more

मेरी बेटी ने ही मुझे जख्म दिया – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 99

एक दिन रमेश जी को  पता चला कि उनकी बेटी ने कोर्ट में शादी कर ली है। उन्हें यह सुनकर गहरा आघात पहुंचा, लेकिन उन्होंने सोचा कि शायद उसने अपनी खुशी के लिए यह निर्णय लिया होगा। पिता का दिल हर दुख सहन कर सकता है अगर उसे यकीन हो कि उसकी संतान खुश है। … Read more

मसाले वाली चाय – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104946.819

        आज सुबह सो कर उठने के बाद से ही आशुतोष जी बड़े खिन्न से थे।असल मे उन्हें सुबह सुबह ब्रश करने के तुरंत बाद चाय पीने की आदत थी,आदत क्या तलब थी,मसाले वाली चाय पीने मात्र से ही वे अपने मे स्फूर्ति महसूस करते थे।अपने समय मे अच्छी पर्सनालिटी के आशुतोष जी बड़े ठसके के … Read more

*सच्ची आजादी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 50

      शालिनी,तू ही तो है मेरे बचपन की सखी,जिससे मैं हमेशा दिल की बात कर लिया करती हूं।       क्या हुआ शालू,क्या कोई प्रॉब्लम है,जो ऐसे बात कर रही हो?        प्रॉब्लम?शालिनी लगता है मैं घुट घुट कर मर जाऊंगी।         बता ना बात क्या है?        संजीव और शालू दोनो पति पत्नी एवं माँ शकुन्तला, कुल जमा ये तीन … Read more

समरस दीवाली – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104946.819

            मेरे पिताजी ईंटो के भट्टो का कारोबार करते थे।सामान्यतः भट्टो पर कार्य विजयदशमी के बाद से प्रारंभ होता है।हालांकि कम पूंजी वाले अपने भट्टो का कार्य दिसंबर- जनवरी में भी शुरू कर लेते हैं।इसके लिये पहले से लेबर का प्रबंध करना होता है।लेबर भट्टे पर फुकायी शुरू होने की दिनांक से लगभग एक माह पूर्व … Read more

*संकल्प* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 68

           रामप्रसाद एक सामान्य से व्यक्ति थे।नगर निगम में क्लर्क की नौकरी करते थे।एक ही बेटा था,हरीश।उनका सपना था कि बेटा अच्छा पढ़ लिख जाये और अच्छी नौकरी प्राप्त कर ले तो उनके दिन भी बुहर जाये।इसलिये उनके केंद्र में हरीश ही रहता था।उनका पूरा ध्यान,ऊर्जा और अधिकतर धनराशि हरीश की पढ़ाई लिखाई पर ही होती। … Read more

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