राहुल सांकृत्यायन – जीवन परिचय -अनुज सारस्वत

New Project 40

महान लेखकों की कहानी मेरी जुबानी  प्रथम लेखक-मेरे सबसे प्रिय राहुल जी भैया गांधी वाले राहुल नही सांकृत्यायन वाले वाले राहुल भैया यूपी वाले । तो जी कारवां शुरू करते हैं,कारवाओं के मसीहा राहुल सांकृत्यायन जी ने मेरे लिये तो एक चुंबक का कार्य किया ,सारी रचनाओ को मैं ऐसे चाट गया इनकी अपुन दीमक … Read more

” तड़प रिश्तो की  ” – अनिता गुप्ता

New Project 95

माया  ने जब से विनोद जी के घर में सफाई-बर्तन शुरू किया  तब से बैचेन रहने लगी। उसकी बैचेनी का कारण था उनका दो साल का बेटा कृष्णा। माया  जब भी कृष्णा को देखती उसके प्रति एक लगाव सा महसूस करती। उसका मन उसको गोद में लेने के लिए मचल उठता। लेकिन विनोद जी की … Read more

दर्द का रिश्ता – पुष्पा पाण्डेय

भागती हुई नर्स डाँ. रवि के केबिन में आई।  ” सर, वार्ड नम्बर-7 में जिसकी कल ही डिलीवर हुई थी,वो बच्चा छोड़कर न जाने कहाँ चली गयी?”  “अरे, ऐसे कहाँ चली जायेगी? खोजो, यहीं कहीं होगी। नहीं तो उसके परिजन से सम्पर्क करो।” भूख से बिलखते उस बच्चे को नर्स ने नर्सरी में भेज दिया … Read more

आई माँ – मंगला श्रीवास्तव

New Project 66

 शारदा आज मेरी जरूरी मीटिंग है कम्पनी में मुझको जल्दी जाना है ,  तुम सुदीप को संभाल लेना उसका ध्यान रखना दूध पिला देना काम पड़ा रहने देना बाद में कर लेना। यह कहकर अमिता जी अपने तीन महीने के मासूम बेटे को छोड़ पति नरेंद्र के साथ बाहर निकल गई थी। शारदा  घर में … Read more

दिल का रिश्ता”  – ऋतु अग्रवाल

इसे कहानी कहूँ, संस्मरण या मेरे दिल का सबसे नाजुक कोना। मैं यह निश्चित करने में नाकाम हूँ।शायद इतना प्यार कोई किसी से नहीं कर सकता जितना मैंने उससे और उसने मुझसे किया। बहरहाल, यह मेरी जिंदगी का सबसे प्यारा और पीड़ादायक हिस्सा है।         बात तब की है जब मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। … Read more

एक शहीद के उद्गार…

माँ, जन्म तूने मुझे था दिया आज अंतिम सफर पर मैं चल दिया पर, दुखी न होना, कोख लजाई नहीं मैंने तनकर सीने पर गोली खाई है मैंने अंतिम समय भी गोद तेरी याद आई छुटकी की तरह करनी पड़ेगी ,मेरी भी विदाई लेकिन माँ मेरी, तुम आँसू बहाना नहीं क्योंकि  तेरे बेटे ने हार … Read more

वो बचपन मेरा लौटा दो ना

जिंदगी एक मौका दिला दो ना , वो बचपन मेरा लौटा दो ना ,,,,, वो माँ का आंचल ओढ़ा दो ना, वो पापा की चवन्नी दिला दो ना,   वो सखियां पुरानी मिला दो ना , जिन्दगी एक मौका दिला दो ना , वो बचपन मेरा लौटा दो ना ,,,,, वो भाभी का प्यार दिला दो … Read more

बेटी

बेटी चौथी बार भी बेटे की आस में,घर में पैदा हो गयी थी अनचाही।हाय रे! फिर से छोरी ही जन्मी है!दादी के लिए बड़ा मलाल बन गयी थी। अपने पूरे हिस्से के लिए लड़ती,मुँहजोरी कर अपनी टेक पर अड़ती,छोरी! चुप न रह सके है बड़ों के सामने?बड़ी बहनों के लिए, वो सवाल बन गयी थी। … Read more

बेटियाँ… 

हाँ, बेटियाँ बदल जाती है,हर फरमाइश को पूरा करवाने वाली,  वो जिद्दी, बेटियाँ भी बदल जाती है,लेटेस्ट मोबाइल के वर्जन की दीवानी,  पुराने वर्जन के मोबाइल से संतुष्ट हो जाती,गोलगप्पे के लिये मचलने वाली बेटी,    अब खाने से पहले हाथ रोक देती,     किसी और को तो कुछ नहीं चाहिये,     हाँ, बेटियाँ बदल जाती है,     स्कूल … Read more

तुम पराया धन नही मेरा स्वाभिमान हो – अनुपमा

New Project 35

शुभी का फोन बज रहा था , उठा ही नही पा रही थी , सुबह सुबह इतना काम होता है ना घर मैं ,आकाश देख भी रहा था फिर भी उसने न ही तो फोन देखा न ही उसे लाकर दिया । खैर फ्री हो कर शुभी ने अपना फोन चेक किया सबसे पहले , … Read more

error: Content is Copyright protected !!