असमंजस – कमलेश राणा

Post View 15,431 वीणा शुरू से ही बहुत नाजुक सी थी उसकी माँ कभी भी भारी भरकम काम उससे नहीं करवाती थी।शादी होकर ससुराल आई तो वहाँ भी जो भी मिलने आता यही कहता… कितनी प्यारी बहू लाये है आप… पतली पतली नाज़ुक सी। समय के साथ वह तीन बच्चों की माँ बन गई फिर … Continue reading असमंजस – कमलेश राणा