अपशगुन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Post View 17,135 ” माफ़ कीजियेगा भाभीजी…अब हमारे आकाश की शादी आपकी सिमरन के साथ नहीं हो सकती…।” देवीलाल ने सगाई का सामान लौटाते हुए प्रमिला जी से कहा तो वो चौंक गई।   ” शादी नहीं हो सकती!…मगर क्यों भाईसाहब? सिमरन या हमसे ऐसी क्या भूल गई है जो आप…।आपकी कोई डिमांड हो तो बताइये…मैं … Continue reading अपशगुन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi