अपने लिए जीने का कब सोचेगी ? – मीनू झा 

Post View 4,380 यार मैं तुझसे मिलने आई हूं, बातें करने आई हूं तेरे साथ समय गुजारने आई हूं…ये खाना पीना और खातिरदारी करवाने नहीं पर तू तो समय ही नहीं दे रही मुझे..इससे अच्छा और ज्यादा समय तो तू मुझे वीडियो काॅल पर दे देती थी बस अभी आई चित्रा थोड़ा सा समय दें..सारा … Continue reading अपने लिए जीने का कब सोचेगी ? – मीनू झा