अन्याय –  उमा वर्मा 

Post View 3,471 तुम्हारे जाने की खबर मिलते तो मैं दौड़ती गई थी ।न कपड़े का होश था न सामान का।किसी तरह फ्लाइट का टिकट मिला था ।जल्दी में और कुछ उपाय भी तो नहीं था ।पहुँची तो होश खो बैठी थी ।तुम्हे  जमीन पर लिटा दिया गया था ।तुम तो चिर निद्रा में लीन … Continue reading अन्याय –  उमा वर्मा