अनूठी पहल – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi

Post View 88,968 “-तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो मीरा! गलती से भी दोबारा ऐसी बात अपनी जुबान पर मत लाना! और माँ को भी पता नहीं क्या सूझी.. कम से कम उन्हें तो सोचना चाहिए था कि…” “बस करो विवेक! माँ को कुछ मत कहना… यह निर्णय माँ का नहीं बल्कि मेरा है…” … Continue reading अनूठी पहल – निभा राजीव “निर्वी” : Moral stories in hindi