अगर बेटियां भी चाहे तो बेटों का फर्ज निभा सकती हैं.
Post View 589 पूरे 1 महीने गर्मी की छुट्टियां बिताने के बाद नीतू अपने मायके से अब अपने ससुराल जाने वाली थी। शाम को ही उनकी ट्रेन थी. बच्चों ने भी अपने नाना-नानी के घर मटरगश्ती किया उनका मन अभी अपने घर जाने का नहीं कर रहा था। क्योंकि घर जाने के बाद फिर … Continue reading अगर बेटियां भी चाहे तो बेटों का फर्ज निभा सकती हैं.
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