अभिसारिका – विनोद सिन्हा “सुदामा”

Post View 6,743  कहते हैं ज़िन्दगी में सुख़ की अपेक्षा दुःख की मात्रा कहीं ज़्यादा है परंतु जीवनपथ पर इन दोनों को एक-दूसरे से अलग कर रखा भी नहीं जा सकता,कारण सुख़ के क्षण सदा दुःख को साथ लिये हुए आते हैं और दुःख के क्षण सुख को, फिर नर हो या नारी उम्र भर … Continue reading अभिसारिका – विनोद सिन्हा “सुदामा”