अब मान भी जाओ – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

Post View 6,558 दीपक!आओ बेटा,बड़े अच्छे वक्त पर आए हो,चाय ही बना रही थी मैं,सुधा देवी ने प्यार से कहा। नहीं आंटी, मै पी के ही चला था,फिर कभी…वो संकोच करता बोला। मुझे मां समान मानता है न तू,फिर ये संकोच कैसा?सुधा देवी ने जबरदस्ती उसे चाय पकड़ा दी। लो इसकी पसंद के मिर्च के … Continue reading अब मान भी जाओ – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi