आपबीती , एक, पुरूष की – प्रीती सक्सेना
Post View 205 कहानी के आरंभ के पहले ही बताना चाहूंगी,, ये आपबीती है एक,, पुरूष की,, जिसने मैसेंजर के माध्यम से मुझ तक पहुंचाई है,,, मुझसे, न्याय की उम्मीद रखी है,,, उम्मीद है,, जस की तस लिख पाऊंगी। गरीब माता पिता की सन्तान,,, थोड़ी सी खेती, खाने वाले ढेर,, भर पेट खाना, और पेट … Continue reading आपबीती , एक, पुरूष की – प्रीती सक्सेना
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