आँसू बन गए मोती – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

Post View 814 शाम का धुंधलका धीरे-धीरे गहराता जा रहा था। गांव के किनारे बहती नदी की लहरों पर सूरज की अंतिम किरणें ठिठक कर बिखर रही थीं। इसी नदी के किनारे बैठी थी राधा—चुपचाप, अपने विचारों में खोई हुई। उसकी आँखों में आँसू थे, जो मोती की तरह चमक रहे थे। राधा इस गाँव … Continue reading आँसू बन गए मोती – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi