आन बान या अवसान – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
Post View 1,847 भैय्या-भैय्या, आज रक्षाबंधन है,क्या मैं आपको राखी बांध दूँ? अरे,भैय्या-भैय्या पुकारती हो,तो फिर राखी क्यो नही बाँधोगी, इसमें पूछने वाली कौनसी बात है?ले बांध ना राखी? शायद 1973-1974 का ही घटनाक्रम है,मेरे ही घर के एक पोर्शन में हमारे ही कस्बे के पास के एक गांव का किसान परिवार किराये पर रहने … Continue reading आन बान या अवसान – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi
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