ये दूरियाँ – डॉ ऋतु अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

Post View 10,571    पुष्पा आज अकेली कमरे में बैठी थी। कहने को चार संताने थीं उसकी पर आज कोई झूठे मुँह भी उससे यह नहीं पूछता था कि माँ तुम कैसी हो। बस उसकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु कभी नौकर या कोई बहू पल भर को आते थे। खाना- नाश्ता, फल, दूध इत्यादि रखकर … Continue reading ये दूरियाँ – डॉ ऋतु अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi