यादों के सहारे जीवन नहीं कटता – शकुंतला अग्रवाल ‘शकुन’
Post View 584 उमा अपने कमरे की खिड़की से क्षितिज को निहार रही है । भास्कर अस्ताचल की ओर डग भर रहे हैं साँझ की लालिमा अपने यौवन पर है रात की अगवानी के लिए। उमा को अपना जीवन भी इस डूबते सूरज-सा लगने लगा। जयंत के जाने के बाद से उसकी हालत भी तो … Continue reading यादों के सहारे जीवन नहीं कटता – शकुंतला अग्रवाल ‘शकुन’
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