वो एक माँ ही कर सकती है – ज्योति अप्रतिम
Post View 499 ********************** “अरे कहाँ हो भाई ।एक पखवाड़ा बीत गया है ,कोई बात नहीं हो पाई।सब ठीक तो है न !” मैंने किरण ,अपनी अभिन्न मित्र से फ़ोन पर पूछा। “हाँ ,सब ठीक ही है।” उदास सा स्वर सुन कर ही समझ आ गया कुछ तो दाल में काला है ! “स्पष्ट बताओ … Continue reading वो एक माँ ही कर सकती है – ज्योति अप्रतिम
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed