वक्त की अदालत  –  सुषमा यादव

Post View 532 वक्त की अदालत। ##वक्त#, शिवानी आज़ बहुत दिनों बाद अपने ससुराल अकेले ही आई थी,,वो खामोश बैठी घर के चारों ओर देख रही थी,, इतने में लेखपाल आये, और बोले, बहुत बहुत बधाई हो आप को,,आप के नाम ये पूरी प्रापर्टी हो गई है,अब आप ही पूरी जायदाद की अकेली ही मालकिन … Continue reading वक्त की अदालत  –  सुषमा यादव