आन बान या अवसान – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 60

भैय्या-भैय्या, आज रक्षाबंधन है,क्या मैं आपको राखी बांध दूँ?        अरे,भैय्या-भैय्या पुकारती हो,तो फिर राखी क्यो नही बाँधोगी, इसमें पूछने वाली कौनसी बात है?ले बांध ना राखी?        शायद 1973-1974 का ही घटनाक्रम है,मेरे ही घर के एक पोर्शन में हमारे ही कस्बे के पास के एक गांव का किसान परिवार किराये पर रहने को आया।मेरे पिता … Read more

पद का नशा – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

New Project 68

संजय शुक्ला रिटायर्ड IAS जो  सचिव के पद से रिटायर हुए एक  काॅलोनी  में अपने  निजी बनाये मकान में एक वर्ष पूर्व ही शिफ्ट हुए थे। रिटायर होने के बाद भी उनका रुतबा अभी वही बना हुआ था। वे अडोस – पडोस में न किसी से बात करते न घुलने मिलने का प्रयास। यदि कोई … Read more

नागिनी के कांटे – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

New Project 11

आज फिर आफिस से निकलने में लेट हो गया, अभी सब्जी भी खरीदनी है नहीं ‌तो रात क्या कल आफिस में क्या बना कर ले जाऊंगी। रेहू के दिमाग में आफिस से निकलते समय यही चल रहा था।  तभी सड़क पर वह ‌किसी से टकराते टकराते बची। सोरी, मैं —जब रेहू ने आंख उठाकर सामने … Read more

भुगतान – पूनम भटनागर। : Moral Stories in Hindi

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 प्रगति आज बेहद खुश थी। दो सालों के बाद आज सुकेश अपने दोनों हाथों से ठीक होने जा रहा था। अब वह अपाहिज की श्रेणी से बाहर आ कर अपने सारे काम कर पाएगा। उसका सपना पूरा होने को है कि वह सुकेश को स्वस्थ कर पाएगी। मैं सारे बिल सबमिट कर बिल क्लीयर कर … Read more

हाय रे मेरी फूटी किसमत – खुशी : Moral Stories in Hindi

New Project 56

राधा एक पढीलिखी लडकी थी , अच्छा घर ,पति  सास ससुर  बच्चे  सब कुछ था ,पर कहते हैं ना कि सब होकर‌ भी कुछ लोग खुश नहीं होते वो हाल‌ था उसका ,किसी के यहाँ नया टीवी आया तो अपने घर में किचकिच किसी ने कुछ भी लिया तो क्लेश उसके सास ससुर , पति … Read more

बहू तो अच्छी थी,खराब तुमने कर दी भाभी…. – सिन्नी पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

New Project 50

देवकी अपने मायके लगभग तीन साल बाद आई थीं। पोते पोती घर से निकलने नहीं देते थे। इस बार उनकी बहू अपने मायके गई, तो बोली “मम्मी जी आप भी अपने मायके हो आइए कब तक इन लोगों के चक्कर में कहीं नहीं जाएंगी”,तो देवकी ने फौरन अपने मायके आने का प्रोग्राम बना लिया। देवकी … Read more

संस्कार और सम्मान – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

New Project 49

रितिका का मन कल शाम से ही बहुत खिन्न है। मन में बहुत ही उथल-पुथल मची हुई है। वह समझ ही नहीं पा रही थी कि उससे कहां चूक हो गई ?? जिन्हें वह इतना सम्मान देती थी, अपना समझती थी। आज उन्होंने ही उसके संस्कारों पर उंगली उठा दी थी। रितिका शुरू से ही … Read more

अभिमान – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 59

“देखो बेटा बाहर निकलो तो आंखों को झुकने नही देना। किसी से बात करो तो अपने कॉन्फिडेंस में कमी मत आने देना। पर हा याद रहे बेवजह किसी से उलझना नही। और ज्यादा किसी से हस कर बात नहीं करना।” ओह मम्मी मैं कोई छोटी बच्ची हूं। सब समझती हु इस जमाने को ,आपने चेहरों … Read more

हाउस हसबैंड – डॉ पारुल अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

New Project 94

राशि बहुत ही हंसमुख और प्यारी सी लड़की थी। उसका अभी कुछ ही समय पहले अमन के साथ प्रेम विवाह हुआ था। जिसमें दोनों के परिवार की सहमति थी। राशि ने अपनी शिक्षा मनोविज्ञान विषय में पूर्ण की थी और अब वो प्रमाणित काउंसलर थी और अपना खुद का क्लिनिक भी चलाती थी। शादी के … Read more

रिश्तों की डोर – शिव कुमारी शुक्ला: Moral Stories in Hindi

New Project 59

बच्चों  के स्कूल चले जाने के पश्चात मेधा अकेली रह गई घर में। वह उदास  बैठी सोच रही थी  आज उसकी उन्नीसवीं  मेरिज एनिवर्सरी है। शायद  मेहुल को तो यह दिन याद ही नहीं होगा कि  आज के  दिन ही वह अपना घर परिवार छोड पूर्ण विश्वास के साथ मेहुल का हाथ थाम आपना नया … Read more

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