उधार की रोटी – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)

Post View 417 ———– बिजु को पुलिस वैन से उतरते देख सभी रिपोर्टर और कैमरामैन बिजली की फुर्ती से दौड़ पड़े, कोई पुछ रहा था “निर्दयता से मारना तुम्हारा रोज़ का काम है ना?” कोई पुछ रहा था “पुलिस के हाथ लगने से पहले कितनों को मारा?” तो कोई पुछ रहा था “मासूम को मार … Continue reading उधार की रोटी – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)