Post View 849 पत्नी के देवलोक गमन करने के बाद – एक दिन पत्नी के गहनें बेचकर – एक भारी – मज़बूत – अभेद – तिजोरी खरीद लाया। अपने कमरे की दीवार में फिक्स करवाने के बाद – घण्टों दरवाज़ा बन्द कर आराम से सोता रहा। शाम हुई तो ज़ेवर के खाली डिब्बे तिजोरी में … Continue reading तिजोरी – अरुण कुमार अविनाश
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