टैक्स वाली अंतिम यात्रा – संजय मृदुल

Post View 227 अर्थी उठने ही वाली थी कि एक गाड़ी दरवाजे पर आकर रुकी। चार कद्दावर आदमी सफारी पहने हुए उतरे और घर का गेट बंद कर दिया। “किसकी डेथ हुई है यहां।” एक ने कड़कती हुई आवाज में पूछा। जो रोना गाना मचा हुआ था वो तो उनके आते ही सन्नाटे में तब्दील … Continue reading टैक्स वाली अंतिम यात्रा – संजय मृदुल