निर्णय – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

New Project 77

श्रद्धा ने राहुल को बहुत समझाया था, जल्दबाजी में कोई निर्णय मत लो।  मगर जैसे राहुल पर कोई भूत सवार था। वह श्रद्धा की कोई बात नहीं मान रहा था। श्रद्धा समझा-समझा कर थक चुकी थी। वह बिल्कुल नहीं चाहती थी कि राहुल जल्दबाजी में कोई भी निर्णय ले और फिर पछताए।  श्रद्धा और राहुल … Read more

अनचाहे मेहमान ने दी प्यार की सीख – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

New Project 78

सौरभ की कार न्यूयॉर्क की सड़क पर दौड़ रही थी सौरभ को ध्यान ही नहीं था कि वह अपनी ही धुन में कार की स्पीड बढ़ाता जा रहा है अचानक एक मोड़ पर आते ही उसकी कार डिसबैलेंस हो गई यह तो ईश्वर की कृपा थी कि,कार उल्टी नहीं और सड़क भी सुनसान ही थी … Read more

मोती से आंसू – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

New Project 80

वंदना सुबह से ही जल्दी-जल्दी काम में लगी थी, आज दुर्गा नवमी है और उसे घर की साफ सफाई के साथ-साथ  कन्या पूजन और कन्याओं के प्रसाद व भोजन की  भी व्यवस्था जो करनी है। वो अपने पति अजय से कहती है कि सुनिए  आप भी जरा जल्दी तैयार हो जाइए,हमें चामुंडा मां के मंदिर … Read more

अनाम रिश्ता – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

New Project 83

आज फिर एक बच्चे को बाय बोलकर सिस्टर रुबि थोड़ी उदास हो गई । तभी उनकी सहकर्मी चेतना बोली —- सिस्टर रुबि , आप बहुत ज़्यादा इमोशनल हैं । मरीज़ तो आते- जाते ही रहते हैं, आप क्यों इतनी उदास हो जाती हैं । अरे नहीं चेतना …. उदास नहीं हूँ । बस एक ख़ालीपन … Read more

“ज़िम्मेदारी” – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

New Project 84

सौम्या और सौरभ के विवाह को पांच वर्ष हो गए थे, ससुराल में सास, ससुर, पति एवं एक विवाहित ननद है । सौम्या अपने घर की जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभा रही थी, सास ससुर को पूरा मान सम्मान देती, धीरे धीरे घर की जिम्मेदारी भी उसने अपने ऊपर ले ली थी। दो दिन पहले … Read more

स्वाभिमान – सुनीता मुखर्जी “श्रुति”: Moral Stories in Hindi

New Project 86

प्रिया ने नौवीं कक्षा में लेट एडमिशन लिया। पाठ्यक्रम काफी निकल चुका था। क्लास टीचर ने आकाश से प्रिया का कोर्स कंप्लीट करवाने लिए के लिए कहा। आकाश अपने सेक्शन का मॉनिटर था। उसने अपनी नोट्स बुक्स देकर पिछड़ा हुआ काम पूरा करवाने में उसकी पूरी मदद की। प्रिया को अपने पढ़ाई में कोई भी … Read more

यह मुझे मंजूर नहीं – डॉ कंचन शुक्ला  : Moral Stories in Hindi

New Project 87

‘बहू कान खोलकर सुन लो ! तुम्हारी सहेली की बेटी से मैं अपने पोते की शादी नहीं कराऊंगी ये मेरा आखिरी फैसला है इस घर में आज तक वही हुआ है जो मैंने चाहा है और आगे भी यही होता रहेगा मेरे सामने ये बात रखने की हिम्मत तुमने कैसे की कहां हमारा शाही खानदान … Read more

रिश्तो में तुलनात्मक व्यवहार क्यों? – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

New Project 88

सुगंधा अपने परिवार में बड़ी बहू थी शुरू से ही। मायके में साधारण घर से थी। लेकिन यहां भरा पूरा परिवार था। कोई भी किसी तरीके का ताना उलाहना नहीं था लेकिन सुगंधा अपने को कमतर आंकती क्योंकि मायके से कमजोर जो थी। यह उसकी अपनी ही सोच थी। इसी उधेड़बुन में उसने चीजें खुद … Read more

आंसू बन गए मोती – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

New Project 89

रात के सन्नाटे में घड़ी की टिक-टिक की आवाज़ कमरे की खामोशी को और गहरा कर रही थी। बिस्तर पर लेटी वृद्धा सावित्री देवी की आंखों में नमी थी। उनकी कांपती उंगलियां एक पुरानी तस्वीर को सहला रही थीं, जिसमें उनका पूरा परिवार हंसते हुए दिख रहा था। लेकिन वह हंसी अब कहीं खो गई … Read more

कन्यादान का पुण्य – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

New Project 91

मुश्किल से दो निवाले हलक के नीचे उतारे थे कि चारु का मोबाइल फिर से बजने लगा और साथ ही मां का राग भी लो अभी आई नहीं दो घड़ी बैठी नहीं कि फिर बुलावा आ गया … अरे कोई जरूरत नहीं है फोन उठाने की बजने दे निगोड़े को।दो घड़ी बैठ कर दुनियादारी की … Read more

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