“टका सा मुँह लेकर रह जाना” – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi
आओ आओ , दीनानाथ कैसे हो? बहुत दिनों बाद आये हो, कहा गये थे? मैं कुम्भ नहाने चला गया था।पूरे पंद्रह दिन वही था, बहुत अच्छे से दिन बिता वहाँ पर। रोज सुबह नहाना , पूजा पाठ ,दिन भर भजन मज़ा आ गया था । तुम क्यो नही गये सुभाष ?क्या बोलू, जाना तो चाह … Read more