जिम्मेदारी – अनु इंदु

‘ मम्मी , यह दूध का डिब्बा आधा कैसे रह गया ?  अभी कल ही तो खरीद कर लाया था मैं , आप क्या गिन्नी को सारा दिन दूध ही पिलाते रहते हो, आप को तो पता है कि स्पून को लेवल करके ही बच्चे का दूध बनाया जाता है ,30ml में एक levelled स्पून … Read more

मेरा साँया – बेला पुनिवाला 

ईश्वर :  ( drawing room से आवाज़ लगाते हुए ) सुधा, अभी कितनी देर है, टिफ़िन बनने में ? मुझे ऑफिस जाने में देरी हो रही है ? और मेरा चाय-नास्ता ready हुआ के नहीं ? सुधा : ( किचन में से आवाज़ लगाती है। ) अरे, समझो बस हो ही गया। एक नज़र dining … Read more

एक रिश्ता ऐसा भी – अनु इंदु

“दुनियाँ में वफ़ा नाम की कोई चीज़ नहीं होती।असल में आदमी हो या औरत दोनों तब तक ही एक दूसरे के प्रति वफ़ादार रहते हैं जब तक कोई और option न हो। हर रिश्ता कुछ अरसे के बाद नीरस लगने लग जाता है।समाज़ के डर से कई बार बेजान रिश्तों को भी हम  जिंदगी भर … Read more

मुझे मेरा मायका चाहिए – संगीता अग्रवाल

” छोटी तो जल्दी से घर आ जा !” अतुल अपनी बहन अंकिता से फोन पर बोला। ” भैया क्या बात है सब ठीक तो है ना ?” अंकिता ने हैरानी से पूछा। ” नही कुछ सही नही है मां…!” इतना बोल अतुल फूट फूट कर रो दिया। ” क्या हुआ है मां को ?” … Read more

शादी की दावत – विनिता मोहता

सभी दोस्तों में से अनिरुद्ध की शादी ही नहीं हुई थी| सारे दोस्तों को और उनकी पत्नीओ के बीच अनिरुद्ध की शादी हमेशा हॉट टॉपिक होता था क्योंकि अनिरुद्ध शहर के जाने-माने व्यवसायी का बेटा था| सभी को लगता था कि अनिरुद्ध की शादी बहुत ही धूमधाम से होगी| मगर अनिरुद्ध ने कोर्ट मेरिज कर … Read more

एक कहानी -गोविन्द गुप्ता

सीमा एक सीधी साधी लड़की थी दुनियां के किसी भी शौक को नही पालती थी यहाँ तक मोवाइल भी केवल की पैड बाला ही रखती थी,उसके पापा सोंचते थे कि किसी अच्छे से लड़के के साथ उसकी शादी हो तो वह तलाश में रहते थे, अचानक एक बड़ी कम्पनी के मालिक का बेटा उनसे मिलने … Read more

बॉडी शेमिंग – अनुपमा

संध्या बहुत सुंदर थी , घर मैं सब लोग उसे कहते है आपकी तरह परफेक्ट कोई भी नही है । सही लंबाई , सही आकार और सुंदर चेहरा और बाल साथ ही सर्वगुण संपन्न , ये है संध्या का परिचय , नई नई शादी हुई थी ,सब खूब तारीफ करते संध्या की । उसका पति … Read more

सुनो बसंती रे…. काहे सताए आ जा.. – विनोद सिन्हा “सुदामा”

कहते हैं इंसान जब अंदर से टूट जाता है तब बाहर से खामोश हो जाता है…अंदर शोर तो बहुत होता है पर बाहर हर तरफ मौन पसरा रहता है…मेरी हालत भी आज़ कल कुछ ऐसी ही है..जिंदा लाश ..बना हर पल तुम्हारे न होने की वजह ढूँढता रहता हूँ…. कैसे कहूँ…एक तुम्हारा होना क्या से … Read more

छोले-भटूरे: – मुकेश कुमार

रौनक सुबह जब बेटी को स्कूल छोड़ने जा रहा था तब पहली बार सुना “आज छोले-भटूरे बनाना मम्मा” उसके बाद तो पुरे दिन भर वही बात चलती रही – “चाची आज आपको छोले ही बनाना है सिर्फ़” “भटूरे मम्मा और पापा बना देंगे, तब तक आप छोटी बाबु को सुला लेना, फिर मिल कर खाएँगे” … Read more

बेटा-बेटी होत न एक समाना – डा. पारुल अग्रवाल

पापा के जाने के बाद, जायदाद को लेकर दोनों भाई में झगड़े होने शुरू हो गए। सब अपनी दुनिया में खुश था,कोई अकेला रह गया था तो वो थी मां। दोनों भाई में से मां को कोई रखने को तैयार नहीं था जबकि रचना हमेशा से चाहती थी कि मां उसके साथ रहें। पापा के … Read more

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