सोने का हार

अपने मां-बाप की इकलौती बेटी शालिनी बचपन से होनहार थी।  जैसे ही थोड़ी बड़ी हुई वह अपने से छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी और अपने पढ़ाई का खर्चा अपने ट्यूशन के पैसे से  निकाल लेती थी।   उसके पापा की गांव में ही किराने की दुकान थी।  वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती थी … Read more

सच्चा इंसान

बात उन दिनों की है जब मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ा करती थी।  कॉलेज खत्म होते ही कॉलेज के गेट पर एक छोले भटूरे वाले अंकल अपनी रेड़ी लगते थे।  भूख इतनी तेज लगी होती थी कि बिना खाए रहा नहीं जाता था।  एक  दिन की बात है हम चारों सहेलियां ने छोले भटूरे का … Read more

अकेलेपन का दर्द – मुकेश कुमार

मैं ऑफिस में काम कर रहा था तभी मेरी पत्नी का फोन आया कि बाबू जी सीढ़ीयों से गिर गए हैं उनकी रीढ़  की हड्डी मे चोट आई  है तुरंत आपको आगरा जाना होगा। मैंने पत्नी से कहा कि मैंने बाबूजी को लाख बार कहा है कि अब  आपकी उम्र नहीं है अकेले रहने की … Read more

बेटा और बेटा ‘जैसा’ होने में बहुत फर्क होता है

निर्मला अपने पति राकेश को बार-बार फोन लगा रही थी लेकिन राकेश का फोन नॉट रिचेबल आ रहा था। वह अपने IVF रिपोर्ट के बारे में बेसब्री से जानना चाह रही थी। राकेश रिपोर्ट लेने हॉस्पिटल गया हुआ था। उसकी शादी हुये 15 साल हो गए थे लेकिन ऐसा लग रहा है उसकी किस्मत में … Read more

हां मैंने एक पिता गोद लिया है – मुकेश कुमार

मेरा नाम राकेश कुमार है मैं बचपन से ही मेरे पिता नहीं हैं । मैं हर सप्ताह रविवार के दिन  एक वृद्ध आश्रम में जाता हूं और वहां पर अपने घर से अच्छा खाना बना कर वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को खिलाता हूं।  उन बुजुर्गों में ही मैं अपनी मां बाप को महसूस … Read more

सफ़र मे बने हमसफ़र – मुकेश कुमार

नैना एक लड़के से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी लेकिन उसके घर वाले उस लड़के को पसंद नहीं करते थे क्योंकि वह उसके कास्ट का नहीं था उसके पापा  अंतर्जातीय  विवाह के खिलाफ थे उनका मानना था कि शादी -विवाह अपने ही कास्ट में करना चाहिए। 1 दिन नैना उस … Read more

मुझ जैसी बुरी सास के लिए तुमने इतना क्यों किया बहू

सलोनी की आज गोद भराई की रस्म थी.  सलोनी एक संयुक्त परिवार की छोटी बहू थी बड़ी जेठानी की लड़के की चाह मे  4 लड़कियां हो गई थी।  अब सब की उम्मीदें  सलोनी से ही थी की सलोनी इस बार बेटा पैदा करेगी।  लेकिन उनको यह नहीं पता कि बेटा या बेटी होना किसी इंसान … Read more

देश में निकला होगा चांद – मुकेश पटेल

New Project 47

शांति के बेटे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई खत्म होते ही एक मल्टीनेशनल कंपनी में अमेरिका ऑफिस के लिए जॉब लग गई थी। उसका बेटा अमन बहुत खुश था क्योंकि बचपन से उसका सपना था विदेश में नौकरी करना। लेकिन अमन के मां बाप अपने इकलौते बेटे को विदेश नहीं भेजना चाहते थे वह चाहते थे … Read more

बुजुर्ग समय चाहते हैं पैसा नही – मुकेश कुमार

नेहा ने कहा,” मम्मी , दादाजी   कई बार कह चुके  हैं कभी मुझे भी अपने साथ रेस्टोरेंट्स ले जाया करो.” मम्मी  बोली , ” ले तो जायें पर चार लोगों के खाने पर कितना खर्च होगा. याद है, पिछली बार जब हम तीनों ने डिनर लिया था, तब सोलह सौ का बिल आया था. … Read more

संस्कार अपना अपना -मुकेश कुमार

एक परिवार में 4 देवरानी जेठानी रहती थी । शादी के 15 साल हो गए थे लेकिन अभी भी सबसे बड़ी जेठानी को कोई बच्चा नहीं हुआ था। उस से छोटी तीन देवरानियों के बेटे स्कूल में पढ़ने लगे थे वह भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में क्योंकि तीनों देवर सरकारी नौकरी करते थे। बड़ी जेठानी … Read more

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