गोल्ड ही नहीं बोल्ड भी बहू चाहिए – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 96

मम्मी….. दादी मुझे ऐसा क्यों बोल रही है कहाँ जईबु बहिनी….. जहाँ जईबु आग लगा देबू ….(कहां जाओगी बहन यूपी में स्त्रीलिंग को बहन का संबोधन करके बोलते हैं) जहां जाओगी वहां आग ही लगा दोगी।       सौम्या , अरु की बात सुनकर हँसने लगी और प्यार से समझाते हुए बोली…. नहीं बेटा , दादी तेरे … Read more

कोई मुझे प्यार नहीं करता – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

New Project 97

“मेरी तो किस्मत ही काली स्याही से लिखी गई है..कितना भी कर लूं किसी के लिए कोई मुझे प्यार नहीं करता।” नेहा रोते रोते अपनी सहेली रिया से बोली।  “नेहा हो सकता है तेरा सोचने का तरीका गलत हो..तुझे किसी का प्यार दिखाई ही नहीं देता हो।” “रिया यही तो प्रॉब्लम है..सब मुझे ही गलत … Read more

कंकड़ की सब्जी – सीमा रंगा इन्द्रा : Moral Stories in Hindi

New Project 98

अरे! रोशनी आज मीरा को तू अपने साथ ले जाना ।मैं आज देर से आऊंगी, शाम को आते वक्त अपने साथ लेकर आना परंतु मालकिन मेरे घर कैसे,  जाते हुए विद्या ने बोला अरे! बस आज की ही बात है और साहब भी बाहर गए हैं। फिर दिन में मीरा अकेली कैसे रहेगी परंतु मालकिन … Read more

मोहताज – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

New Project 99

यह क्या कर रहे हैं पापा आप?? दिखाइए तो जरा … कुछ नहीं जा तू यहां से… दफ्तर के लिए लेट हो रहा होगा … आज मेरी छुट्टी है … अपना काम कर जाके फिर … मुझे मेरा काम करने दे… रघुनाथ जी सख्त लहजे  में बोले … दिखाइए तो सही… इतनी ठंड में पूरे … Read more

अपूर्ण कौन ?? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

New Project 100

” कहते है मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है जिसे कदम कदम पर किसे दूसरे की मदद की जरूरत पड़ती ही है जो जन्म लेने ( बिना किसी की मदद संसार मे नही आ सकते ) से मृत्यु तक ( बिना किसी सहारे श्मशान तक नही जा सकते ) चलती है । ये मदद हर कोई … Read more

आ गले लग जा – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104436.080

“सुनो माला, यार कल तुमने खाने में मिर्ची बहुत डाल रखी थीं। मिर्ची ज्यादा हो तो सुबह को टॉयलेट में भी झेलना पड़ता है ना।” सुदर्शन ने हँसते हँसते शेव बनाने के बाद चेहरे पर लगे साबुन के झाग पौंछते हुए कहा।  “आज कम डाल दूँगी।” किचन में सुदर्शन का लंच बॉक्स तैयार करती हुई … Read more

चिरवंचिता – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104516.742

समिधा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।‌ बचपन से ही उसे वह सब कुछ मिला जिसकी किसी भी बच्चे को चाहत हो सकती थी, ढेर सारे खिलौने, गेम्स,  चॉकलेट्स, वेकेशन पर बाहर घूमने जाना, मूवीज़, आए दिन रेस्टोरेंट्स में खाना खाना…. उसकी बाॅर्बीज़ का कलेक्शन तो सहेलियों में ईर्ष्या का विषय था‌। ऊपर से सब … Read more

कलावा – डॉ. ओंकार त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104818.633

मां! मैं मेरा नाश्ता सुबह 8:00 बजे तैयार कर देना मुझे बहुत जरूरी काम से बाहर जाना है, कहते हुए स्पर्श अपने कमरे में चली गई।  कल तो छुट्टी है बेटी। कल  इतनी जल्दी कहां जाना है ? मां ने पूछा पर स्पर्श ने कोई जवाब नहीं दिया। शायद उसने सुना ही नहीं था और … Read more

कर्तव्य – चाँदनी झा : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104905.495

“अंगूठी का नगीना” तुम सिर्फ मेरे लिए हो बेटा। मैं दुनिया से तुम्हें उम्मीद करना नहीं, अपना कर्तव्य करना सिखाना चाहती हूँ। बाकी सारी समस्याएं खुद हल हो जायेगी। दरअसल रवि, अपनी माँ का एकमात्र और इकलौता बेटा था। माँ के लाड़-दुलार और अत्यधिक देख-रेख के कारण वह बस प्यार पाना जानता था। जबकि दुनिया … Read more

करियर – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

New Project 2024 04 29T104946.819

माँ , कल ग़ाज़ियाबाद जाना है तो आरती के लिए गाजर का हलवा बना दो , ले जाऊँगा । कुणाल ट्यूशन से आता ही होगा , सामान ले आएगा ।  बता ! एक- आध दिन पहले बता देता तो तिल के लड्डू भी बना देती । अब कल जाना है और अब बता रहा है … Read more

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