श्रद्धांजलि (भाग 2) – बीना शुक्ला अवस्थी: Moral stories in hindi

Post View 96,882 “ फिर क्या करें? मुझे इस लड़की से ऐसी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी“ महिमा का उदास स्वर। “ देखो महिमा”,अजय सिंह पत्नी को बड़े धैर्य से समझा रहे थे –“ हमें बिना अपना व्यवहार बदले बुद्धिमानी से काम लेना होगा। उसे पता नहीं चलना चाहिये कि हम सब कुछ जान गये हैं। … Continue reading श्रद्धांजलि (भाग 2) – बीना शुक्ला अवस्थी: Moral stories in hindi