संयुक्त परिवार –  डॉ अंजना गर्ग

Post View 212 “शैलेश आज तुम फैसला कर लो मैं इस चकचक में अब और नहीं रह सकती।”कोमल ने अपने पति को लगभग चीखते हुए कहा। “कम्मो, धीरे बोल कोई सुन लेगा।”      ” सुनने दो । मैं इतनी भीड़ में कभी नहीं रही। चपाती बनाने लगो तो 2 घण्टे चपातिया बनाते जाओ,  कपड़े धो तो … Continue reading संयुक्त परिवार –  डॉ अंजना गर्ग