साँची – कंचन शुक्ला : Moral stories in hindi

Post View 3,445 संचिता रोरोकर बेहाल हुई जा रही है। सचिन को तो जैसे काटो तो खून नही। समझ नही आया कि कौन सा निर्णय गलत था?? पीछे मुड़कर देखते, सोचते विचरते तो लगता सब करने के पीछे नीयत तो गलत नही थी फिर गड़बड़ी कहाँ हुई?? बैंगलोर में दोनों नौकरी कर रहे थे। जब … Continue reading साँची – कंचन शुक्ला : Moral stories in hindi