सहेली – भगवती सक्सेना गौड़

Post View 746 आज रीना चालीस वर्ष बाद अपने बचपन के शहर झांसी में कुछ सहेलियों के साथ घूमने आई, बहुत अच्छा लग रहा था । हर मोहल्ले , चौराहे को देखकर उसका नाम याद आ रहा था, बहुत कुछ बदल गया था, फिर भी पहचानने में मुश्किल नही हो रही थी। दिल मे दबी … Continue reading सहेली – भगवती सक्सेना गौड़