सहारा – अंतरा

Post View 8,915 आज खिचड़ी का दिन है.. रमिया ने मिट्टी के चूल्हे पर खिचड़ी का पतीला चढ़ाया तो बरबस ही मन अतीत की गलियों में घूमने लगा।  बंसी को भी खिचड़ी बेहद पसंद थी । खिचड़ी के दिन तो जैसे उसकी मन मांगी मुराद पूरी हो जाती थी। भले ही रमिया के पास खाने … Continue reading सहारा – अंतरा