ऋण – स्मिता सिंह चौहान

Post View 968 यार सुमी और कितना वक्त लगेगा, हमारा दूर का सफर है देर हो जायेगी ।जरा बोलो ना विशाल से (सुमि का भाई)थोड़ा पंडित जी को बोले जल्दी करें ।बरसी ही तो है, अब पापाजी दुनिया से चले गये ,अब वो कौन सा देख रहे हैं कि हम उनहे क्या दे रहे हैं … Continue reading ऋण – स्मिता सिंह चौहान