Post View 1,264 आज क्यों उसके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद नहीं दे पाई मैं ।उसे कई दिन से देख रही थी ।अदिति का बदला हुआ रुख ,मानव के जाने के बाद जो संजीदगी उसके चेहरे पर आई थी धीरे-धीरे छटने लगी थी जो मुझे असहज किए जा रही थी। अदिति उसे मुझसे मिलवाने ले … Continue reading फिर अब क्यूं – तृप्ति शर्मा
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed