मेरा फैसला (कहानी) – अंतरा
एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे पंचायत लगी थीI पूरा गांव इकट्ठा हुआ था। सब आपस में खुसर फुसुर कर रहे थे। कोई मुंह छुपा कर हंस रहा था तो कोई व्यंग्य कर रहा था …किसी के चेहरे पर मायूसी और दया थी तो किसी के चेहरे पर क्रोध कुंठा और चिंता के … Read more