पुनरावृत्ति – डा उर्मिला सिन्हा
घनी झाड़ियों ,ऊंचे पेड़ों से आच्छादित , शहर के कोलाहल से दूर निर्जर वन प्रांतर में बसा हुआ यह महिला महाविद्यालय मुझे अपने एकाकी जीवन जो कभी अभिशाप लगता था ; वरदान साबित हुई। यहां प्रकृति से सीधा साक्षात्कार मेरे रोम रोम में नई स्फूर्ति भर देती है। चपरासी ने एक पूर्जा आगे बढ़ाया। मैं … Read more