अतीत, वर्तमान और भविष्य की जुगलबंदी – भाविनी केतन उपाध्याय
” शैली बहू, ये मैं क्या सुन रही हूॅं, तुम ने मुझे बिजनेस में मदद करने की बजाय दूसरी जगह नौकरी ढूंढ ली है ? मैं तो सोच रही थी कि तुम्हारी MBA की पढ़ाई पूरी होते ही तुम मेरे साथ मेरा बिजनेस जोइन करोगी पर तुम ने तो मुझे कुछ बताना जरूरी नहीं समझा….” … Read more