वक्त वक्त की बात – आरती झा आद्या
पार्वती कल तुम्हें भी मेरी रिटायरमेंट पार्टी के लिए ऑफिस चलना है….अधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा। मुझे क्यों…पार्वती ने आश्चर्य से सुरेंद्र की ओर देखा। ऑफिस कर्मचारियों की इच्छा है तो मुझे हां करना पड़ा…बहुत ही दुःखी होते हुए सुरेंद्र ने कहा। ओह तभी.. पार्वती कहती है लेकिन सुरेंद्र बिना कोई ध्यान दिए चाय के … Read more