निस्वार्थ प्रेम – शुभांगी

Post View 187 बड़ा भाई पिता तुल्य आज मंजुल बहुत खुश था उसके भाई का विवाह था, अंशुल उससे 15 साल छोटा था,  गीता अपने देवर की बार बार बलैया ले रही थी, विवाह बहुत अच्छे से सम्पन्न हुआ और रूपाली बहु बनकर उनके घर चली आयी । लेकीन सिर्फ 5 दिन बाद ही अंशुल … Continue reading निस्वार्थ प्रेम – शुभांगी