ये हमारी भाग्यविधाता हैं – सुभद्रा प्रसाद : Moral stories in hindi

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 “छि, छि, छि, कौन है ये बुढिया  ? इसने तो सारा फर्श गंदा कर दिया |”  निभा जोर से बोली और सोफे से उठकर  खडी हो गई |                                                    उसके बोलने … Read more

ये घर तुम्हारा भी है – अर्चना खंडेलवाल : Moral stories in hindi

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“भाभी, चाय पीने का बड़ा मन है, आप भैया के लिए बनाओ तो मेरे लिए भी एक कप बना देना।” साक्षी ने धीमी आवाज में कहा और चुप हो गई। वंदना ने सुन लिया और कहा, “साक्षी, अभी तुम्हारे भैया को आने में समय लगेगा, इतना ट्रेफिक जो रहता है, आधा घंटे की कहते हैं … Read more

ये घर तुम्हारा भी है – के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

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शिवानी बिना किसी नागा के हर रोज वाकिंग के लिए आती थी । सुबह छह बजे उन्हें देखते ही लोग अपनी घड़ी को चेक कर लेते थे । पार्क में कई लोगों को मालूम था कि शिवानी वकील है । शिवानी के ससुर शहर के जाने माने वकील थे । उनके पति विराट ने भी … Read more

खुशफहमी – शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

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कभी कभी मनुष्य बडी ही खुशफहमी में रहता -कि वही  कर्ताधर्ता है। उसने बिना एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं होना चाहिए जो वह सोचता है वही सच है वाकी कि पूरे  परिवार में सोचने समझने की  औकात ही नहीं है। सागर जी एक नौकरी पेशा, सुखी गृहस्थ थे। वे दो वेटी व  एक … Read more

मधु स्मृति –  बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

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  भाई, इस घर से बाबूजी की यादे जुड़ी हैं, इसको मत बेचो,कुछ तो सोचो,बाबूजी की आत्मा को कितना कष्ट होगा।          भैय्या, बाबूजी के प्रति मेरा भी आप जितना ही लगाव और श्रद्धा है।पर वे अब इस दुनिया मे नही है और मैं अमेरिका में रहने लगा हूँ,अब आप ही बताओ मेरे हिस्से के मकान का … Read more

भाग्य विधाता – उमा वर्मा : Moral stories in hindi

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” क्या हुआ, कहीँ बात बनी?” अविनाश जी सोफे पर आकर निढाल होकर बैठ गये।जब सरला ने दुबारा पूछा तो उनहोंने नहीं में सिर हिलाया ।बेटी गीता के ब्याह को लेकर दोनों पति पत्नी आजकल परेशान थे।जहां जाते ,कहीँ दहेज की मांग अधिक होती, कहीँ लड़का पसंद नहीं होता, कहीँ खाने पीने वाला होता ।कहीं … Read more

किस्मत के रंग या खुदगर्जी – प्राची अग्रवाल : Moral stories in hindi

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छाया अपनी आलीशान गाड़ी में बैठकर मंदिर जा रही थी। गाड़ी से उतर कर वह मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ी। तभी वह मंदिर के पास लगी दुकानों से फूल खरीदने के लिए रुक जाती है। ‘बहन जी पूजा के लिए फूल देना‌’ उसने फूल बेचने वाली साधारण सी महिला से कहा। लेकिन जैसे ही उसकी … Read more

गृह प्रवेश मां का – माधुरी : Moral stories in hindi

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दिवाली की छुट्टियां आने बाली थी,सबिता ने अपने पति दीपेन के नाक में दम कर रखा था।कहे देती हूं, या तो दीवाली पर मां को यहां ले आओ या हम लोग वहीं चल कर दिवाली मनायें के।नहीं तो मैं मायके चली जाऊंगी। अच्छा बाबा मायके जाने की धमकी तो मत दो कम से कम,बैसे भी … Read more

राधिका, ये घर मेरा भी है – मंजू ओमर: Moral stories in hindi

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राधिका आज बेमन से बिस्तर पर पड़ी थी उठने की इच्छा ही नहीं हो रही थी । चाय की तलब तो लग रही थी लेकिन बनाने की इच्छा नहीं हो रही थी। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। राधिका घर में अकेले थी इसलिए उसे ही उठना पड़ा दरवाजा खोलने के लिए ।जब दरवाजा खोला तो … Read more

यह घर भी तुम्हारा है – लतिका श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

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ऑटो रुक गया था जैसे ही सोनाली ने बैठने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए ऑटो के अंदर किसी को  देख तत्काल कदम भी मानो बाहर आने को तत्पर हो उठे थे..। मैडम बैठना है कि नहीं बैठना मेरा टेम खोटी मत करो ऑटो ड्राइवर की तीखी प्रतिक्रिया और घर जल्दी पहुचने की विवशता ने … Read more

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