मेरी भी कुछ अहमियत है या नहीं – ऋतु अग्रवाल   : Moral stories in hindi

   ” मोहित कहाँ हो बेटा? उठो, स्कूल नहीं जाना है क्या?जल्दी से तैयार हो जाओ। फिर मुझे भी दफ्तर जाना है।”मंजरी ने अपने आठ वर्षीय बेटे मोहित की चादर खींची तो कुनमुना कर आँख मसलते हुए मोहित उठ तो गया पर अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ।        “क्या बात है? उठो, फटाफट!”बिस्तर समेटते … Continue reading मेरी भी कुछ अहमियत है या नहीं – ऋतु अग्रवाल   : Moral stories in hindi