मेरी बेटी मेरा गुरूर – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi
Post View 7,846 प्रदीप जी तैयार होकर ऑफिस के लिए निकलने ही वाले थे कि तभी उनका दोस्त रजत अचानक उनसे मिलने आ गया। उसे देखकर प्रदीप जी खुश हो गए और अपनी पत्नी रमा से बोले-“रमा, जल्दी से दो कप कॉफी बना दो।”तभी रजत जी बोले -“प्रदीप, मैं तो वैसे ही मिलने चला आया … Continue reading मेरी बेटी मेरा गुरूर – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi
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