Post View 250 एक बार स्त्री से कहा गया कि वह अपने बारे में दिल खोलकर लिखे। स्त्री बहुत उत्साहित थी। उसे पहली बार अपनी भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर मिला था। वह लिखने बैठी तब उसे मातृत्व का अहसास हुआ। माँ, वात्सल्य की मूर्ति, माँ संवेदनशील आदि लिखने ही वाली थी कि उसकी कलम … Continue reading मातृत्व का अहसास
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