Post View 339 उत्तर भारत में जून माह के मध्य की दोपहरियां सूरज की रोशनी के सैलाब के साथ साथ उसका सारा ताप भी ले आती हैं। कस्बे से शहर को जाती सूनी और तपती सड़कें प्यास से व्याकुल मुसाफिर को मृग मरीचिका का भ्रम देती हैं । शहरों का हाल तो और भी बेहाल … Continue reading मृग मरीचिका – मधुसूदन शर्मा
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