मंगला मुखी (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi
Post View 4,764 वीथिका उठकर अन्दर गई और एक गिलास में पानी ले आई। रेशमा को देते हुये उसने कहा – ” अगर मेरी किसी बात से आपका दिल दुखा हो तो मुझे क्षमा कर दीजिये।” ” नहीं, तुम माफी मत मॉगो, तुम्हारी कोई गलती नहीं है। यह हमारी नियति है जिसे भोगना ही हमारा … Continue reading मंगला मुखी (भाग-5) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi
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