“मैं कोई सीता नहीं” – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा
Post View 96,497 पल्लवी लगभग दो मिनट तक बेल बजाती रही पर किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। वह थककर वहीं बैठ गयी। प्यास से उसका हलक सूख रहा था। जल्दी घर पहुंचने के चक्कर में उसने रूककर पानी भी नहीं पिया था। अभी वह सोच ही रही थी कि क्या करे इतने में भड़ाक … Continue reading “मैं कोई सीता नहीं” – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा
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