Post View 250 कौशल्या आंटी! हाँ! यही नाम था उनका। कौशल्या आंटी हमारे पड़ोस में रहती थी। मेरे घर से दो घर छोड़कर। बड़ी, मोटी तगड़ी थी वो। हम गली के बच्चे उनसे बड़े मजे लेते थे। होली के दिन तो हम सबसे ज्यादा गुब्बारे उन्हीं को मारते थे। पता है, क्यों? क्योंकि वह इतनी … Continue reading कौशल्या आंटी – ऋतु अग्रवाल
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