किस्मत का अनोखा खेल – डॉ. पारुल अग्रवाल

Post View 3,584 नन्ही सी फ्रॉक पहनकर घूमने वाली कृति,आज दुल्हन के लिबास में सजी धजी ऐसे लग रही थी कि जैसे कोई अप्सरा उतर आई हो। संध्या की तो जैसे जान बसती थी उसमें, विदाई के समय मां-बेटी का एक दूसरे से अलग होते हुए बुरा हाल था। पर कहते हैं ना कि ये … Continue reading किस्मत का अनोखा खेल – डॉ. पारुल अग्रवाल