काश!! सही वक्त पर अपनों का साथ मिला होता –  शीनम सिंह

Post View 1,587 “मां ये कार्ड किसके यहां से आया है” टेबल पर पड़े इन्विटेशन कार्ड को हाथ में लेते हुए तनु बोली. “बेटा,मेरी वो सहेली है ना!! कुसुम उसकी रिटायरमेंट पार्टी है,उसी का कार्ड है परिवार सहित बुलाया है.” “ओह कुसुम आंटी की रिटायरमेंट है.. मां ये वही हैं ना जो आपके साथ दफ़्तर … Continue reading काश!! सही वक्त पर अपनों का साथ मिला होता –  शीनम सिंह