“इंतहा स्वार्थ की” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

Post View 33,343 “देखो बेटा। मैं अब अगले महीने रिटायर होने वाला हूँ। बहुत दिनों से अम्मा के मोतियाबिंद का आपरेशन टाल रहा था कि ऑफिस से छुट्टी पाऊंगा तो आराम से करा दूंगा। घर का खर्च तो मेरी पेंशन में जैसे तैसे हो ही जाएगा। मैं ये चाहता हूँ कि तुम भी अब घर … Continue reading “इंतहा स्वार्थ की” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi