गुडबाय मॉम – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

Post View 17,577 फिर एक दिन पापा घर आए। कडक वर्दी में अपने सीने पर लगे सैनिक वाले मैडल चमकाते हुए, बूटों को खटखटाते हुए घर नहीं आए। उस दिन उन्होने मुझे बाहों में लेकर खुद से ऊंचा नहीं उठाया। आई थी तिरंगे में लिपटी हुई उनकी देह। लोग कहते थे वे मरे नहीं हैं। … Continue reading गुडबाय मॉम – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi